कबड्डी की जड़ें — प्राचीन भारत से आधुनिक मैदान तक
कबड्डी की शुरुआत लगभग चार हजार साल पहले दक्षिण एशिया में हुई मानी जाती है, जहाँ यह आत्मरक्षा और शारीरिक दक्षता का प्रशिक्षण था। महाभारत काल में अभिमन्यु के चक्रव्यूह-प्रवेश की कथा को कबड्डी की रणनीति से जोड़ा जाता है — यह संयोग नहीं बल्कि इस खेल की गहरी सांस्कृतिक जड़ों का प्रमाण है। बीसवीं सदी में खेल के नियम लिखित रूप
में आए और 1938 के कलकत्ता राष्ट्रीय खेलों में पहली बार इसे आधिकारिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनाया गया। तब से क्रिकेट और फुटबॉल के साथ-साथ कबड्डी भारत के खेल-प्रेमियों की पहचान बन चुकी है।